पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन में साठगांठ रखने वाले कर्मचारियो की जांच हो- श्री भाटी


मंदसौर। जिले में लंबे समय से मध्यान्ह भोजन एवं आंगनवाडियो में दिये जाने वाले पोषण आहार में बडा खपला चल रहा हैं। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कुुर्भकण की निंद से जागा प्रशासन इन दिनो कार्यवाही के मुड में नजर आ रहा है। बदलती हुई परिस्थितियो में लंबे समय से महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के उन दोषी अधिकारियो एवं कर्मचारियो पर भी कार्यवाही होना चाहिये जिन्होनें भोजन सप्लाय करने वाले भ्रष्ट रेकेट से हाथ मिला रखा है। ऐसी परिस्थितियो में जारी जांच को अन्य विभाग या अधिकारियो से करवाकर दोषियो पर कार्यवाही होना चाहिये।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी ने पिछले कुछ दिनो से अनेक स्वयं सहायता समूहो को नोटिस देने एवं अन्य कार्यवाही का स्वागत करने के साथ ही यह बात प्रमुखता से रखते हुये कहा कि वर्तमान में भी जिन स्वयं सहायता समूहो को नोटिस दिये जा रहे है उनके जवाब भी मध्यान्ह भोजन एवं पोषण आहार देने वाले कथाकथित माफीया ही देकर जांच के नाम पर सेटिंग जमाने में लगे है। मंदसौर नगर एवं आसपास के महिला स्वयं सहायता समूहो के रिकार्ड, पासबुक सहित चेक बुक आदी सभी इन मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले रेकेट के लोगो के पास मौजुद है जो पर्दे के पीछे रहकर पुरा कारोबार संचालित करते है।
श्री भाटी ने भोजन माफीयाओ के साथ साठगांठ रखने वाले महिला बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियो की जांच करने की मंाग मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री इमरती देवी एवं मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव श्री मोहंती से करते हुये कहा कि शिक्षा विभाग में संकुल प्राचार्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी से लेकर सुपरवाईजर सभी की इन भोजन माफीयाओ से साठगांठ है। पूर्व में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजरो द्वारा एक सोची समझी रणनिति के तहत आंगनवाडियो में पोषण आहार समितियो के माध्यम से संचालित पोषण आहार की बार- बार जांच की गयी, जिसके चलते आंगनवाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकताओ ने पोषण आहार बनाने के काम से हाथ खडे कर दिये, उसके बाद आराम से महिला स्वयं सहायता समूह जिसका संचालन भोजन माफीया ही करते थे उन्हें भोजन का काम देकर हर माह बडी राशि प्राप्त करते रहे है, ऐसी परिस्थितियो में प्रत्येक आंगनवाडी एवं विधालय स्तर पर भोजन तैयार करवाने स्थानीय संस्था को सामाजिक कार्यकर्ताओं की निगरानी में कार्य दिये जाने की आवश्यकता है ताकी भ्रष्ट तंत्र के नेटवर्क को काफी हद तक कम किया जा सके।
श्री भाटी ने मंदसौर जिले में जारी जांच के मामले में सादगी पसंद कलेक्टर से इस मामले में जांच का दायरा बढाते हुये संबंधित विभाग के कर्मचारियो को भी दायरे में शामिल करने का आग्रह किया है ताकी इस मामले में किसी निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके।

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