गुप्ता को मोदी मैजिक से आस तो मीनाक्षी को अपनी छवि से विजय श्री की रहेगी उम्मीद


मंदसौर। आगामी लोकसभा चुनाव हेतु मंदसौर संसदीय क्षेत्र में निर्वाचन अंतिम चरण में होगा लेकिन इससे पूर्व ही भाजपा और कांग्रेस दोनो की ओर से उम्मीदवार घोषित कर चुनावी रणभेरी फुंक दी गयी है। मंदसौर लोकसभा चुनाव में पिछली बार वाली भाजपा और कांग्रेस की जोडी फिर से मैदान में है लेकिन इस बार का निर्वाचन पिछले बार से कुछ अलग ही दिखायी दे रहा हैं। न लहर और नही कोई बडा मुद्दे वाले इस चुनाव में उंट किस करवट बैठेगा यह केाई दावा नही कर सकता है लेकिन इस चुनाव में वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता को फिर से मादी मैजिक से आस रहेगी तो मीनाक्षी नटराजन अपनी व्यक्गित छवि और सादगी के दम पर विजय श्री की उम्मीद रखकर चुनावी चौसर बिछानी शुरू कर दी है।
शनिवार की रात्री को दोनो दलो भाजपा और कांग्रेस की ओर से अपने- अपने लोकसभा प्रत्याशियो की घोषणा कर दी गयी। जैसे की कांग्रेस में यह तय माना जा रहा था कि मीनाक्षी नटराजन ही उम्मीदवार होगी लेकिन भाजपा की ओर से सुधीर गुप्ता के टिकट कटने की अटकले थी। इन अटकलो को पहले भाजपा ने विराम लगाते हुये प्रारंभिक सूची में ही सुधीर गुप्ता का नाम मंदसौर से तय कर दिया वही लगभग दो घंटे बाद कांग्रेस की आयी सूची में भी मीनाक्षी नटराजन का नाम था। रविवार को भाजपा और कांग्रेस दोनो दलो के प्रत्याशी अपने- अपने दलो के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को साधते दिखायी दिये।
गुप्ता को एक बार फिर से मोदी मैजिक से आस
जैसी की भाजपा उम्मीदवार सुधीर गुुप्ता की पृष्ठभूमी है उसके अनुसार वे भाजपा के बडे नामो में शुमार नही रहे है। आरएसएस से जुडे संगठनो में कार्य के साथ ही रतलाम विधायक श्री चेतन्य काश्यप से नजदीकियो के चलते पहला टिकट प्राप्त करने वाले श्री गुप्ता को पहला चुनाव मोदी मैजिक के सहारे ही तीन लाख से अधिक मतो से विजय होकर सबको चौका दिया था। यह चुनाव हालांकि किसी की लहर वाला दिखायी नही दे रहा है लेकिन उसके बावजुद इस बार भी सांसद सुधीर गुप्ता को स्वयं के कार्यो से अधिक मोदी मैजिक से उम्मीद रहेगी।
स्वयं की सादगी और छवि से जीत की उम्मीद
मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में काफी समय से मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कार्यकर्ताओ मे रोष है। कुछ नेताओं के इर्दगिर्द दायरा रखने एवं गुटीय राजनिति में फंसने के बावजुद आमजन में उनकी छवि बेहतर है। इस बेहतर छवि के बल पर ही वे आगामी लोकसभा चुनाव जीतने की आस रहेगी। सुश्री नटराजन द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रो के दौरे, आम जनता से सीधा संवाद के अलावा ईमानदार छवि के चलते वे मुकाबले में बेहतर दिखायी दे रही है लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओ को साधे बिना उनका चुनाव आसान नही होने वाला है।

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