देश में रोजगार देने का वादा करने वालो ने मजदूरो की रोजी-रोटी छीनी

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ( इंटक) द्वारा स्थापना दिवस पर ग्राम डिंगाव माली में आयोजन
( फोटो नंबर 1)
मंदसौर। देश के सबसे पुराने श्रमिक संगठनो में एक राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ( इंटक) का स्थापना ( 3 मई 1947) दिवस ग्राम डिंगावमाली में खेतिहर मजदूरो के बीच समारोह पूर्वक मनाया गया। वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मध्यप्रदेश विघुत साख संस्था के अध्यक्ष श्री डीसी सक्सेना के मुंख्य आतिथ्य एवं जिला इंटक अध्यक्ष श्री सुरेश भाटी की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पत्रकार एवं कांग्रेस नेता श्री शिवभानुसिंह बघेल, सिंधिया फैण्ड्स क्लब के अध्यक्ष श्री उज्जवल सक्सेना एवं पूर्व सरपंच श्री मोहनलाल चौहान के विशेष आतिथ्य में आयोजित समारोह में बडी संख्या में मजदूर वर्ग ने सहभागिता की। इस अवसर पर इंटक खेतिहर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष श्री जीवन आंजना विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान इंटक खेतिहर मजदूर यूनियन के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री जीवन आंजना को नियुक्ति पत्र भी सौपा गया।
वरिष्ठ इंटक नेता एवं पूर्व मध्यप्रदेश विघुत साख संस्था के अध्यक्ष श्री डीसी सक्सेना ने अपने उदबोधन में कहा कि देश की आधी से अधिक आबादी मजदूर वर्ग से संबंधित है। संगठित एवं असंगठित क्षेत्रो के मजदूर वर्ग की गणना करे तो आज भी मजदूर वर्ग सर्वाधिक है। उन्होेने केन्द्र सरकार की गलत नितियो की आलोचना करते हुये कहा कि आज देश में गरिब मजदूर वर्ग की पीडा सुनने वाला नही है। बडे पूंजीपति वर्ग के लिये सरकार काम कर रही है। श्री सक्सेना ने कहा कि देश आज नाजुक स्थिति से गुजर रहा है। बंगाल का जुट उधोग समाप्त हो चुका है। उत्तर प्रदेश की गन्ना मिले दम तोड रही है ऐसे में आखिर मजदूर वर्ग की जीविका कैसे चलेगी। उन्होेने आगामी 19 मई को मंदसौर संसदीय क्षेत्र को भरपूर समर्थन देने का आव्हान मजदूर वर्ग से किया।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के अध्यक्ष श्री सुरेश भाटी ने कहा कि विश्व में पूंजीवादी एवं साम्यवादी व्यवस्था के बीच भारत की व्यवस्था में दोनो का मेलजोल है। उन्होनें पिछले पांच सालो में देश के गरिब मजदूर वर्ग की उपेक्षा करने का आरोप केन्द्र सरकार पर लगाते हुये कहा कि खेती घाटे का धंधा है जिसके कारण किसान और उस पर निर्भर रहने वाले मजदूर बेरोजगारी की कगार पर हैं। श्री भाटी ने सरकार द्वारा पूंजीवादी पोषक नितियो की आलोचना करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार ने देश के पंद्रह चुनिंदा उधोगपतियो का कर्जा माफ किया लेकिन गरिब किसानो एवं मजदूरो का नही है। उन्होनें आव्हान करते हुये कहा कि जो गरिब, किसान और युवाओ की बात करे उसे ही देश की सत्ता में बैठने का अवसर दे।
इससे पूर्व वरिष्ठ पत्रकार श्री शिवभानुसिंह बघेल ने कहा कि देश के युवा बेरोजगार हो रहे है, छोटे किसानो की कोई सुनने वाला नही है। उन्होनें बुंदेलखंड एवं सतना जिले में मजदूर यूनियनो की ताकत का जिक्र करते हुये कहा कि मजदूर चाहे तो किसी की सत्ता बना सकता है और किसी को सत्ता से हटा सकता है, हमे देशहित एवं स्वयं हित में आगामी 19 मई को निर्णय लेना है।
इस अवसर पर सिंधिया फैण्डस क्लब के अध्यक्ष श्री उज्जवल सक्सेना, पूर्व सरपंच मोहनलाल चौहान आदी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। प्रारंभ में अतिथियो का स्वागत ग्राम डिंगावमाली के इंटक खेतिहर मजदूर यूनियन के सदस्यो एवं खेतिहर मजदूरो ने किया। संचालन विशाल आंजना ने किया व आभार नितिन गेेहलोत ने माना।

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