एनआरसी और केब के खिलाफ बंद का मंदसौर में रहा असर अल्पसंख्यक समाज ने नही खोली दुकाने, मंडी में बंद का दिखा असर

मंदसौर। पुरे देश में नागरिकता को लेकर के केन्द्र सरकार द्वारा लागु एनआरसी के मामले में लगाातार देशभर में आंदोलन जारी है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अधिकांश भागो में जारी प्रदर्शन के तहत कल भारत बंद के आव्हान के दौरान मंदसौर बंद का भी मिलाजुला असर देखने को मिला। हालांकि एनआसी और केब के खिलाफ अल्पसंख्यक वर्ग ने भी बंद को अपना समर्थन दिया किन्तु इसका काफी असर बाजारो पर दिखायी दिया, खासकर कृर्षि उपज मंडी, थोक सब्जी मंडी के अलावा सदर बाजार, मंडीगेट, खानपुरा, नयापुरा रोड, नेहरू बस स्टेण्ड आदी क्षेत्रो मे काफी दुकाने बंद रही। जानकारी के अनुसार लगभग 10 दिनो से मंदसौर शहर में भी दिल्ली की तर्ज पर नीलम शाह दरगाह के पास महिलाओं सहित अल्पसंख्यक वर्ग के नागरिक एनआरसी के विभिन्न बिंदुओ के खिलाफ धरने पर बैठे है। भीम सेना सहित अन्य संगठनो द्वारा लगातार समर्थन के बीच धरना लगातार जारी है। कल धरना आंदोलन अभियान की कडी में अल्पसंख्यक समाज के वरिष्ठजनो द्वारा भारत बंद के आव्हान में सहभागिता हेतु सोश्यल मिडीया के माध्यम से अपील प्रसारित की गयी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने बंद को विफल करने हेतु अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओ के उपर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन उसके बावजुद अल्पसंख्यक समाज की दुकाने बंद में शामिल हुई।

शहर काजी ने अल्पसंख्यक क्षेत्रो में भ्रमण कर किया अनुरोध

बंद के आव्हान को सफल बनाने के लिये मुस्लिम समाज के प्रमुख शहर काजी आसिफ उल्लाह ने अल्पसंख्यक बाहुल्य बाजारो मे भ्रमण कर अल्पसंख्यक वर्ग के नागरिको की दुकाने बंद करने की अपील की। इस दौरान शहर काजी के साथ अनेक पदाधिकारियो व पार्षदो ने भी सहभागिता करते हुये अल्पसंख्यक वर्ग के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुये मुस्लिम समाज को एकजुट रहने की अपील की।

ऑटो रहे बंद, हम्माल रहे छुट्टियो पर

एनआरसी के खिलाफ बंद का व्यापक प्रभाव ऑटो बंद के रूप में देखने को मिला। मंदसौर नगर के मुख्य रेल्वे स्टेशन, नेहरू बस स्टेण्ड, महाराणा प्रताप बस स्टेण्ड पर ऑटो कम दिखायी दिये। प्रतिदिन स्कूली बच्चो को लाने व ले जाने का कार्य करने वाले ऑटो चालक भी बंद के समर्थन में रहने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चो को परेशानी का सामना करना पडा। मंडी में मुस्लिम हम्माल रहे नदारत कृर्षि मंडी में हम्माली का कार्य करने वाले मुस्लिम हम्माल कार्य पर नही आये जिसके कारण मंडी का कामकाज प्रभावित हुआ। इस दौरान तुलावटी कार्य करने वाला स्टॉफ भी कम ही नजर आया। हालांकि मंडी प्रशासन बंद के असर से इंकार करता रहा लेकिन मंडी कामकाज का अहम हिस्सा माने जाने वाले हम्मालो एवं तुलावटीयो की कम संख्या के कारण कार्य पर असर पडा।

अंजुमन एवं वक्फ बोर्ड की राजनिति करने वाले नेतागण रहे निष्क्रिय

लंबे समय से अनेक नेतागण मुस्लिम समाज की राजनिति चमकाने के चक्कर में अपने आप को मुस्लिम समाज का रहनुमा पेश करने से बाज नही आते है। स्वयं को अंजुमन इस्लाम का सदर एवं वक्फ बोर्ड में पदस्थ होने के लिये एडी चोटी का जोर लगाने के साथ ही राजनैतिक समझौते करने में माहिर मुस्लिम समाज के नेतागण बंद के दौरान सक्रिय नजर नही आये। पुलिस प्रशासन द्वारा शांति भंग की आशंका को देखते हुये मुस्लिम समाज के नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की ऐसे में जो नेतागण स्वये को बडा मानते थे वे पुरी पिक्चर से गायब हो गये जबकी अन्य मुस्लिम समाज के लोगो ने इस मुद््दे पर अल्पसंख्यक वर्ग की कप्तानी करने आगे आये।

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