राहत के नाम पर शिवराज ने किया जनता को गुमराह सरकार राहत नही बल्कि बिजली बिलो की माफी करे-श्री भाटी


मंदसौर। 31 मई को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने भारत सरकार के गाईड लाईन से अवगत कराने के साथ ही विभिन्न प्रादेशिक चेनलो पर अनेक रियायतो की घोषणा कर आम नागरिको को गुमराह करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बिजली के बिलो के अलग-अलग स्लेब बताते हुये आम नागरिको को राहत की घोषणा जो आम नागरिको के साथ छलावा है, प्रदेशवासी बिजली के बिलो में राहत नही बल्कि माफी चाहते है।
यह बात जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी ने कही। उन्होेने कहा कि मुख्यमंत्रीजी राहत के नाम पर जनता की आंखो में धुल झांेकने का प्रयास कर रहे है, उनके द्वारा अपे्रल माह में पचास रूपये भुगतान एवं अप्रेल एवं मई माह में चार सौ से कम बिलो पर सौ रूपये भुगतान की पोल खोलते हुये कहा कि विघुत वितरण कंपनी ने गत वर्ष के अप्रेल माह के औसत के आधार पर बिल दिये थे जिसके कारण अधिकांश उपभोक्ताओं के बिजली के बिल सौ से लेकर 15 सौ रूपये तक आये है इस लिहाज से जब आम नागरिको के बिल सौ से कम आये ही नही तो पचास रूपये भुगतान करने की बात हास्यापद है। उन्होनें कहा कि सरकार ने बिजली के भारी भरकम बिल दिये है, आम नागरिको में सरकार के प्रति पनप रहे गुस्से को कम करने के लिये चार सौ से कम बिजल के बिलो को सौ रूपये जमा करने की घोषणा की लेकिन हकीकत में विघुत बिल बहुत कम लोगो के चार सौ से कम आये है, अधिकांश नागरिको के बिल पांच सौ लगाकर पांच हजार तक आये है लेकिन उस मामले में मुख्यमंत्री मौन है। इसके साथ ही जिन नागरिको ने बिल जमा कर दिये है उन्हें सिर्फ एक प्रतिशत रियायत की घोषणा कर जनता के छलने का कार्य किया है।
श्री भाटी ने कहा कि लगभग सत्तर दिनो तक आम नागरिको के दुकान एवं व्यापार बंद रहे लेकिन सरकार बिजली के बिल अक्टोबर माह में 6 किश्तो में भरने का बोल रही है लेकिन जनता की अगर शिवराजजी को चिंता है तो वे व्यवसायिक एवं घरेलु सभी के तीन माह के माफ करे। उन्होनें राजस्थान सरकार का उदाहरण देते हुये कहा कि राजस्थान सरकार ने पहले रियायत देेने की घोषणा की लेकिन जनमानस की आर्थिक स्थिति को देख दो माह के बिल माफ किये है, मध्यप्रदेश में भी हालात वैसे ही है लेकिन शिवराजजी सिर्फ अपने पुराने रवैये के अनुसार घोषणाओ के माध्यम से जनता को गुमराह कर रहे है जबकी वर्तमान आवश्यकता लोक डाउन के कारण खस्ताहाल आम नागरिको को राहत देने की है।