मजबूरठेकेदार आधा कार्य कर शासन को कर रहा है गुमराहग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

मन्दसौर। आकोदड़ा से ताजखेड़ी बायपास रोड़ स्वीकृत हुए एक वर्ष से अधिक हो गया प्रधानमंत्री सड़क योजना के अन्तर्गत स्वीकृत यह रोड़ गरोड़ा से आकोदड़ा तथा आकोदड़ा से ताजखेड़ी बायपास के रूप में स्वीकृत हुआ था। ठेकेदार द्वारा गरोड़ा से आकोदड़ा तो रोड़ बना दिया लेकिन रसूकदारों से स्वार्थपूर्ति के चलते आकोदड़ा से ताजखेड़ी बायपास रोड़ निर्मित करने से छोड़ दिया। जिससे इस मार्ग पर रहने वाले कृषक परेशान हो रहे है। यह बायपास खाल नूमा होने से मानसून के पूर्व हुई पहली बारिश में आकोदड़ा-ताजखेड़ी बायपास मार्ग पानी से भरा हुआ है राहगीर प्रतिदिन बड़े-बड़े गड्ढों में गिर रहे है और चोटिल हो रहे है। ग्रामीणों ने इस बाबत् जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को कई बार गुहार लगाई लेकिन ठेकेदार की मिलीभगत से ग्रामीणों की आवाज दब कर रह गई। अब ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हो रहे है तथा बदहाली के आंसू बहा रहे है।  उक्त बात कहते हुए क्षेत्र के ग्रामीण मुकेश गोपीलाल, कारूलाल पाटीदार, जुझार पाटीदार, श्याम प्रजापति, नितिन पाटीदार, एहमद नूर मंसूरी, कारूलाल प्रजापति ने बताया कि ठेकेदार ने आधा कार्य करके शासन को गुमराह किया और दूसरी तरफ क्षेत्र के ग्रामीण परेशानियों से जूझ रहे है। बारिश की वजह से इस रोड़ से निकलना दुर्भर हो गया है। जिन कृषकों के खेत इस रोड़ पर बने है उन्हें पानी से भरे गड्डों में से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीण वाहन सहित गिर चुके है तथा उन्हें चोटे आई है।  इस समस्या से ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया। अधिकारियों से भी कहा गया लेकिन ठेकेदार के धनबल व राजनीतिक रसूक के चलते ग्रामीणों की कोई  नहीं सून रहा है। इस बायपास़ के नहीं बनने से आने वाली बारिश में इस क्षेत्र में निकलना नामुमकिन हो जायेगा जिससे रहवासियों एवं कृषकों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।  ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से माग की है कि ठेकेदार को जल्द से जल्द इस स्वीकृत आकोदड़ा-ताजखेड़ी बायपास को बनाने के आदेश दिये जाये अन्यथा मंदसौर गांधी चौराहा पर सभी ग्रामीण पहुंचकर धरना देंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन, प्रशासन की होगी।