धन लोलुप्ता और मंत्री पद की लालसा ही हरदीप के दलबदल का मुख्य कारण- श्री पाटील


सुवासरा विधानसभा के कार्यो को कमलनाथजी ने दी प्रार्थमिकता, हरदीप के द्वारा छपाये गये विज्ञापन ही आरोपो का प्रमाणित जवाब

मंदसौर। मध्यप्रदेश के इतिहास में धन लोलुप्ता और पद की लालसा का ऐसा उदाहरण पहले कभी सामने नही आया जैसा मध्यप्रदेश की राजनिति में वर्तमान दौर में देखा जा रहा है। मध्यप्रदेश को नवीन दिशा और प्रत्येक वर्ग के लिये लोक कल्याणकारी शासन देने वाले कमलनाथजी की सरकार को भाजपा द्वारा दिये गये प्रलोभन से गिराने के उपरांत जिस प्रकार से नवनियुक्त दलबदल करने वाले मंत्री हरदीप द्वारा कमलनाथजी पर उपेक्षा का जो आरोप लगाया है वह न केवल अपने कार्यो पर पर्दा डालने का प्रयास है बल्कि आम नागरिको में झूठी सांत्वना प्राप्त करने की कोशिश मात्र है।
        यह बात जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री नवकृष्ण पाटील ने कही। उन्होनें कहा कि प्रदेश के इतिहास में कमलनाथजी जैसा विकासवादी पुरूष मिलना दुर्भर है। मात्र पंद्रह माह के शासनकाल में एक तरफ उन्होनें किसानो को पर्याप्त मुआवजा दिया तो वही युवाओ को युवा स्वाभिमान रोजगार योजना, हिन्दु समाज की आस्था के अनुरूप एक हजार गौशालाओ का निर्माण करने के साथ ही पिछडा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढाकर 27 प्रतिशत कर दिया। पेंशन योजनाओ को दुगुना करने के साथ ही प्रदेश के माफिया तंत्र को आॅपरेशन सफाया के माध्यम से खत्म करने की कोशिश की जिसे भाजपा और धन और पद के लालच में बैठे भ्र्रष्ट विधायको ने सिंधिया की अगुवाई में गिराकर प्रदेश को फिर से गड्डे में डालने का कार्य किया है।
         श्री पाटील ने मंदसौर प्रवास के दौरान मंत्री बनने के उपरांत प्रेस वार्ता के माध्यम से लगाये गये आरोपो का जवाब देते हुये कहा कि यह पुरा जिला जानता है कि सुवासरा विधानसभा को कमलनाथजी ने सर्वोच्च रखा। कर्जमाफी का सबसे पहले लाभ मंदसौर जिले में सुवासरा विधानसभा को मिला। बाढ के हालात में स्वयं कमलनाथजी ने हरदीप को साथ लेकर अनेक ग्रामो का दौरा कर बिना पटवारी आंकलन के सौ फीसदी नुकसानी मानकर मुआवजा बांटा। उन्होनें हरदीप द्वारा कमलनाथजी द्वारा पंद्रह मात्र के कार्यकाल में पंद्रह सेकंड नही देने के आरोप का जवाब देते हुये कहा कि इसका जवाब स्वयं हरदीप द्वारा अपने दुसरे कार्यकाल के एक साल की उपलब्धियो पर दिये गये विज्ञापनो में प्रकाशित विकास कार्यो एवं योजनाओं की जानकारी ही आरोपो का प्रमाणित जवाब है। कमलनाथजी विकास का दुसरा नाम है लेकिन प्रदेश में माफिया तंत्र के साथ गठजोड कर सरकार गिराने वाले धन लोलुप्त एवं पद के लालची अपने कार्यो पर पर्दा डालने और जनता के आक्रोश से बचने के लिये नये-नये आरोप और कहानियां गढ रहे है जिसे प्रदेश और सुवासरा की जनता कभी माफ नही करेगी।