नपाध्यक्ष व सभापति ने राजस्व अमले की बैठक ली, राजस्व से सम्बधित शाखाओं में अतिरिक्त व्यवस्थाये करने के निर्देश


मंदसौर। नपाध्यक्ष श्री राम कोटवानी व राजस्व एवं वित समिति की सभापति श्रीमती रेखा राजेश सोनी ऐरावाला ने कल नपा सभाग्रह में राजस्व अमले के सभी कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में राजस्व शाखा, जलकर वसुली शाखा, नामातरंण शाखा, दुकान सस्थान किराया वसुली शाखा सहित राजस्व से सम्बधित अन्य शाखाओं के कर्मचारीगण भी उपस्थित थे। लगभग ढेड घंटे चली इस बैठक में प्रभारी राजस्व अधिकारी बीबी गुप्ता व राजस्व से वसुली से जुडे 45 कर्मचारी उपस्थित थे।
नपाध्यक्ष श्री राम कोटवानी ने सभी कर्मचारियों से चर्चा करते हुए कह कि राजस्व संबंधित सभी कर्मचारी अपने अपने दायित्व का निर्वहन पुरे परिश्रम से करे। राजस्व की वसुली के लिये नपा के कार्यालयीन समय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। नपा की राजस्व शाखा के कर्मचारी किसी भी प्रलोभन में आये बिना अपना कर्तव्य पालन करे। नपा परिषद भ्रष्टाचारके मामले में जीरो टालरेन्स की नीति पर चल ही है। इसलिये ऐसा कोई कार्य न करे जिसके कारण संस्था की बदनामीहो ओर आपके विरूद्ध जांच करने व निलम्बन करने जैसी कार्यवाही करनी पडे।
राजस्व वसुली के लिये सहायक राजस्व निरीक्षक बढाये गये- नपाध्यक्ष श्री कोटवानी ने नपाकी सम्पत्तिकर की वसुली और बेहतर रूप से हो इसके लिये 5 अन्य सहायक राजस्व निरीक्षक बढाये हे। प्रधान शाखा सुपरवाईजररे विनोद गुर्जर, अलीराजपुर से स्थ्ससनातरित होकर आये विजय श्रीवास्तव को राजस्व वसुली का कार्य सोपा गया है। साथही कमलेश डोसी, महेन्द्र पंवार कालुराम भवरिया को भी राजस्व शाखा में बिठाया गया है।
दुकान किराया अवधि वृद्धि के प्रकरणो का निराकरण करे तथा किराया की वसुली हो-नपााध्यक्ष श्री कोटवानी ने कहा कि जो अविवादित दुकान किराया अवधि वृद्धि के प्रकरण पेडिग हे उन्हे शीध्रता से निपटाये तथा जिन दुकानदारो का किराया बाकी हे उनसे किराये की वसुली का कार्य करे। ताकि राजस्व में बढोतरी हो ओर जो राशि प्राप्त हो उससे नगर विकास हों।
सम्पत्तिकर व जलकार्य वसुली शाखा में अतिरिक्त व्यवस्थाये होगी- नपाध्यक्ष श्री कोटवानी ने कहा कि जलकार्य वसुली के समय भीड जमा होती है। उसके समाधान के लिये 2 अन्य खिडकी खोली जाये 1 महिला व 1 सिनीयर सीटीजन के लिये प्रथक से काउण्टर हो। सम्पत्तिकर में वर्तमान में 2 कम्प्युटर आपरेटर है जिसके कारण आईडी बनाने के लिये नागरिकों को समय लगता हें। इसके समाधान के लिये 2 अन्य कम्प्यूटर आपरेटर नियुक्त किये जाये ताकि आमजनो को सुविधा हो। सम्पत्ति कर शाखा में अब 4 कम्प्यूटर आपरेटर होगै