दो दिनो की बारिश से मंदसौर हुआ तरबतर, शिवना में दुसरे दिन भी उफान

मंदसौर। इस मानसुन सत्र में पहली बार मुसलाधार बारिश ने आखिरकार जिले को तरबदर कर दिया। मंदसौर शहर सहित आसपास के अंचल में लंबे समय से बारिश की प्रतिक्षा थी। खरीफ फसलो के लिये पानी की दरकार के बीच गणेश स्थापना के साथ मंदसौर में बरसे मेघ लगातार मेहरबान रहे जिसके कारण शिवना नदी में दुसरे दिन भी उफान जारी रहा। विश्व प्रसिध्द भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रतिमा के चार मुघ जलमग्न हो गये।
शनिवार की दोपहर को मंदसौर नगर सहित आसपास के क्षेत्रो में मुसलधार बारिश शुरू हुई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार पहले से ही अलर्ट जारी किया गया था किन्तु लगातार मानुसन की बेरूखी के कारण नागरिको को तेज बारिश की कम ही उम्मीद थी। दोपहर को आसमान में जमे काले बादलो ने बारिश शुरू की जो दोपहर से लेकर सायंकाल तक चलती रही। इस बीच मंदसौर नगर के अनेक निचले हिस्सो में पानी भर गया वही कई नाले भी उफन पडे।
रात्री 11 बजे के बाद मंदसौर शिवना मे आया पानी
तेज बारिश मंदसौर सहित समीप के प्रतापगढ, सैलाना, पिपलोदा एवं अरनोद क्ष्ज्ञेत्र में भी जारी रही। इस तेज बारिश का नतीजा यह रहा कि जो 37 किलोमीटर लंबी शिवना नदी में पानी ना के बराबर था वह बह निकली। नदी में बने सभी स्टाॅपडेमो को पार करते हुये रात्री को लगभग 11 बजे के आसपास मंदसौर नगर में शिवना नदी मे पानी आया जिसके चलते मंदसौरवासी पेयजल की चिंता से मुक्त हो गये।
कालाभाटा बांध,रामघाट जलाशय हुये लबालब
वर्षा की खेज के बीच रात्री को मंदसौर नगर के प्रमुख पेयजल स़्त्रोत कालाभाटा बांध एवं रामघाट जलाशय पर पानी आया। शिवना नदी में आये बाढ के कारण दोनो जलाशय लबाब हो गये। पानी की अत्यधिक आवक होेने के कारण कालाभाटा डेम के चार गेट खोलने पडे।
रविवार को सुबह से लेकर दोपहर तक हुई वर्षा
रविवार को भी मंदसौर नगर एवं आसपास तेज बारिश जारी रही। हालांकि बारिश बीच- बीच में कम होती रही किन्तु समीप के क्षेत्रो में तेज बारिश के कारण शिवना मे उफान बना रहा। पुरे दिन शिवना नदी में बाढ रही जिसके कारण मुक्तिधाम का आधा भाग एवं निचली पुलिया जलमग्न हो गयी।
डोडिया मीणा शिवना पुलिया डुबी
मंदसौर से नाहरगढ जाने वाले प्रमुख सिदपन मार्ग भी अत्यधिक बारिश के कारण बंद हो गया। शिवना नदी में पानी के कारण शिवना में बने स्टाॅपडेम पर बनी सडक पर कई फिट पानी आने के कारण आवागमन बंद करना पडा। इसके साथ ही मंदसौर जिले के विभिन्न मार्ग भी तेज बारिश के कारण आये उफान के चलते बंद रहे।
बाबा भोले के चार मुख डुबे
दो दिनो की तेज बारिश के चलते शिवना नदी में आयी बाढ के कारण विश्व प्रसिध्द भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रतिमा के चार मुख जलमग्न हो गये। सुबह 12 बजे के आसपास मंदिर के गर्भगृह में पानी का प्रवेश हो गया, प्रतिमा के चार मुर्खो का अभिषेक उपरांत शिवना नदी फिर से नीचे उतरना शुरू हो गयी।

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