भाजपा उम्मीदवार ने जनहित की बजाय बीओटी सडक कंपनी का हित रखा सर्वोपरी-श्री भाटी


मंदसौर। जनप्रतिनिधियो का सबसे बडा दायित्व अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के प्रति होता है। जनता जनार्दन का आर्शिवाद लेकर जनप्रतिनिधियो का दायित्व होता है कि वह अपने कर्तव्य का पालन करे किन्तु सुवासरा विधानसभा के भाजपा उम्मीदवार एवं पूर्व विधायक श्री डंग द्वारा जनहित की बजाय कही न कहीं बीओटी सडक ठेेकेदार का हित देखा जिसके चलते डिगांव- बसई सडक कई सालो के बीत जाने के बावजुद आज दिन तक पूर्ण नही हो पायी है। जिसके लिये भाजपा उम्मीदवार एवं पूर्व विधायक श्री डंग जिम्मेदार है।
यह आरोप लगाते हुये जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं इंटक अध्यक्ष सुरेश भाटी ने बताया कि वर्तमान में चुनाव जीतने के लिये भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक द्वारा एक खास मकसद के तहत कांग्रेस प्रत्याशी की छवि बिगाडने की कोशिश कर जनता का ध्यान मूल मुददो से भटकना चाहते है। उन्होनें लगातार दुसरी बार विधायक चुने गये श्री डंग पर आरोप लगाते हुये कहा कि मंदसौर से सुवासरा को जोडने वाली मुख्य सडक अशोक बिल्डकाॅन कंपनी की है। इस सडक के अस्तित्व मे आने के बाद एक सोची समझी रणनीति के तहत टेंडर होने एवं ठेका सहित अन्य सभी मामलो में लोकनिर्माण विभाग के डिगांव- बसई मार्ग न केवल दुदर्शा का शिकार हुआ बल्कि विभाग द्वारा ठेका होने से लेकर अन्य प्रक्रियाओं को इस कदर उलझाया कि यह सडक आज दिन तक पूर्ण नही हो पायी है। श्री भाटी ने बिना टोल सडक के लगभग आठ सालो में भी पुरी नही होने का ठिकरा भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक श्री डंग पर फोडते हुये कहा कि जब उनका मकसद पुरा नही होता है तो वे तत्काल विधानसभा में मुददा उठाकर कार्यवाही करवा देते है जैसा की डाॅ जोहरी के मामले में हुआ किन्तु उन मामलो से उनका कोई लेना देना नही होता है जिसमें जनता का हित हो लेकिन उनका नही हो।
श्री भाटी ने कहा कि डिगांव-बसई मार्ग की दुदर्शा के लिये भाजपा उम्मीदवार एवं तत्कालिन विधायक श्री डंग जिम्मेदार है जिन्होने आशंका के अनुसार कहीं न कही टोल कंपनी हित देखते हुये इस सडक के समय सीमा में पुरी नही होने का मामला कभी भी गंभीरता से नही उठाया और नही देरी पर अपना रोष प्रकट किया। उन्होनें भाजपा उम्मीदवार को दलबदल और लोकतंत्र की हत्या के पाप से बचने के लिये किये जा रहे प्रपंच से बचना परामर्श देते हुये सुवासरा विधानसभा के आर्शिवाददाता नागरिको से अनुंरोध किया है कि वे कांग्रेस प्रत्याशी श्री राकेश पाटीदार को विजय बनाकर पुनः मध्यप्रदेश में राम राज्य की परिकल्पना के साथ कार्य करने वाले कमलनाथजी को मुख्यमंत्री बनाये।