डोडिया मीणा घटनाक्रम खाद्य एवं औषध विभाग के भ्रष्टाचार का परिणाम-श्री भाटी


शिवराज सरकार आते ही निकली शुध्द के लिये युध्द अभियान की हवा

मंदसौर। अधिकारी वर्ग एवं कर्मचारी वर्ग वही है लेकिन सरकार की मंशा का किस प्रकार से मैदानी स्तर पर परिणाम आता है यह डोडीया मीणा में घटित फूड पाईजिंग की घटना से साफ होता है, कमलनाथजी की सरकार के दौरान चला कसावट के साथ शुध्द के  लिये युध्द अभियान की शिवराज सरकार में प्रशासन ने हवा निकालते हुये जमकर मिलावटखोरो एवं अन्य लोगो को प्रोत्साहन मिला है जिसके चलते शीतकाल में भी दूषित मावा जैसी घटना सामने आयी है।
        जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी ने डोडीया मीणा घटना पर दुख प्रकट करते हुये कहा कि यह संभवतः पहली बार है जब शीतकाल में भी मावे के कारण फूड पाईजिंग की घटना सामने आयी है जिससे साफ होता है कि मंदसौर नगर के मावा विक्रेता लोक डाउन के उपरांत तमाम तरह की आशंकाओ के बावजुद मावा अधिक समय तक स्टोरेज किया जिसका परिणाम अब सामने आया है। उन्होनें डोडीया मीणा में बडी संख्या में दूषित मावे के कारण ग्रामीणो के बीमार होने एवं एक व्यक्ति की मौत पर दुख प्रकट करते हुये कहा कि काफी समय पूर्व भी मोरधन कांड के दौरान दोषी खाद्य एवं औषध निरिक्षक महोदय एवं उनके विभाग द्वारा दोषियो पर कार्यवाही की बजाय सिर्फ वसुली को प्रार्थमिकता दी गयी। इसी तरह कुछ समय पूर्व लोकडाउन के दोरान मिले दुषित मावे को तितर बीतर करने मे भी अधिकारियो ने कोई कसर बाकी नही छोडी जिसका प्रतिफल डोडीया मीणा में घटित घटना के रूप में सामने आया है।
      श्री भाटी ने कहा कि दूषित मावा हो या अन्य खाद्य पदार्थ सभी मामलो में कठोर कार्यवाही नही होने का परिणाम आम नागरिक भोग रहे है, बार-बार कमिया सामने आने के बावजुद घटनाओं की पुर्नरावृत्ति साफ करती है कि खाद्य एवं औषध विभाग का दोषी मावा विक्रेताओ के साथ ही मिलावटखोरो में कार्यवाही का भय नही होना अनेक सवाल खडा करता है, साथ ही विभाग द्वारा कोल्ड स्टोरेज के मामले में समय-समय पर जांच नही करना भी यह साफ करता है कि भाजपा सरकार के राज में प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी सिर्फ खानापूर्ति के साथ भ्रष्ट तत्वो का संरक्षण कर रहे है। उन्होनें डोडीया मीणा फूड पाईजिंग घटना में दोषी मावा विक्रेता के साथ ही खाद्य एवं औषध विभाग की आला स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकी लंबे समय से चला आ रहा मिलावटखारो एवं भ्रष्ट अधिकारी वर्ग की साठगांठ उजागर हो सके।