कोरोना महामारी में मृतको के झूठे आंकडे प्रस्तुत कर रहे शिवराज, लापरवाह मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के खिलाफ जिला कांग्रेस ने प्रकरण दर्ज करने हेतु दिया आवेदन


मंदसौर। मध्यप्रदेश में कोरोना की दुसरी लहर से निपटने के लिये भाजपा की सरकार एवं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान द्वारा लापरवाही बरतने एवं मध्यप्रदेष एवं मंदसौर जिले मे कोरोना से मृत नागरिको के झूठे आंकडे प्रस्तुत करने के खिलाफ जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री नवकृष्ण पाटील ने नेतृत्व में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित वर्मा को आवेदन प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री श्री चैहान के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करने की मांग की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्रीगण श्री महेन्द्रसिंह गुर्जर, श्री परशुराम सिसोदिया, पूर्व नपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ शेख, जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी भी उपस्थित थे।
        श्री पाटील ने एडीशनल एसपी श्री वर्मा को मिडीया के समक्ष मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत करते हुये कहा कि सरकार मंदसौर जिले में कोरोना के कारण मृतको के गलत आंकडे प्रस्तुत कर रही है। मंदसौर नगर के मुख्य मुक्तिधाम में कोविड गाईड लाईन के अनुसार अप्रेल माह में 307 एवं मई माह में 499 लोगो की कोविड से मौत हुई है लेकिन सरकारी आंकडे में बहुत कम है। श्री पाटील ने जिला चिकित्सालय में कोरोना इलाज लेने वाले मृतक नागरिको की मौत को कोविड से मौत नही स्वीकार करने एवं मध्यप्रदेश एवं मंदसौर जिले में कोरोना की दूसरी लहर के पूर्व एवं महामारी के दौरान समुचित स्वास्थ्य सेवाये उपलब्ध नही करवाने को गंभीर अपराध बताते हुये मुख्यमंत्री के उपर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
कमलनाथजी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर प्रदेश वासियो की की आवाज बंद नही कर सकते
एडीशनल एसपी को आवेदन प्रस्तुत करने के उपरांत जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर मिडीया से चर्चा करते हुये जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री नवकृष्ण पाटील ने कहा कि उज्जैन में पूर्व मुख्ययमंत्री श्री कमलनाथजी ने प्रदेश की कोरोनो के हालात पर चिंता प्रकट करते हुये जमीनी हकीकत बयां की थी लेकिन प्रदेश सरकार ने उनके बयान के उपरांत आत्म अवलोकन करने की बजाय बदले की भावना से उनके उपर प्रकरण दर्ज किया है। श्री पाटील ने कहा कि श्री कमलनाथजी पर दर्ज प्रकरण से खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाये एवं प्रदेश में लगभग एक लाख के करिब हुई मौतो के आंकडे दबाये नही जा सकते है। इस मामले में हमारी मांग है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाये।