सीतामऊ ब्लॉक की आशा व उषा सहयोगिनी ने मांगों के समर्थन में शुरू की हड़ताल

सीतामऊ। सीतामऊ ब्लाक की आशा व आशा सहयोगीनी ने 22 जून से अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल प्रारंभ की। इस दौरान किये गये प्रदर्शन में ब्लॉक की बड़ी संख्या में मातृशक्तियों ने भाग लिया।  आशा, उषा सहयोगिनी कार्यकर्ता संगठन ने इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञाापन सीतामऊ तहसीलदार टीना मालवीय को सौंपा।  संगठन के जिला सरक्षक श्याम सोनावत ने बताया कि संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि  एक ओर आशा व उषा सहयोगिनी पूर्ण ईमानदारी से अपना कार्य 24 घण्टे कर रही है, अर्धरात्रि में प्रसव कार्य आ जाता है तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाती है लेकिन आशा ऊषा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं केा अत्यन्त कम मानदेय दिया जा रहा है। स्वास्थ्य संबंधित कई विभागों के दायित्वों का निर्वाह करने के बाद भी पद नाम एवं वेतनमान, सम्मान कुछ नहीं है, इससे हमें मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पीड़ा होती है। हम हमारी मांग है कि हमें स्थाई किया जावे। नियत सेवाएं प्रदान की जाये। ए.एन.एम में पहला पात्रता अनुभवी आशा कार्यकर्ता को दी जावे। आरोग्य केन्द्र अलग से खोलने की व्यवस्था की जावे। सहयोगनी को केंद्र पर जाने के लिये अलग से खर्चा/भत्ता दिया जायें। आशा सहयोगिनी को 18 हजार व आशा उषा को 15 हजार रू. मासिक वेतन दिया जाये। आशा ऊषा जब प्रसव लेकर अस्पताल जाती है तो रात्रि में रुकने के लिये अलग से विश्राम गृह की व्यवस्था की जायें। दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि व सामान्य मृत्यु पर 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाये।  इस दौरान निर्मला देवड़ा, विद्या मंडलोई, रितु शर्मा, मंगल परमार, गायत्री चौहान, मीरा मालवीय, रीना सोलंकी, शबनम बी सहित ब्लॉक की बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थी।