चम्बल की योजना में करोड़ो खर्च करने के बाद भी दो दिन छोडकर पानी देना नगर की जनता के साथ धोखा – नाहटा

मंदसौर। जैसा की दो दिन पूर्व से ही आभास होने लगा था कि नपा जल्द ही नगर में दो दिन छोड़कर पेयजल वितरण करने का प्लान बना रही है और बुधवार की शाम को इसे सार्वजनिक भी कर दिया लेकिन 52 करोड़ रूपये की चम्बल योजना के बाद भी नगर की जनता को दो दिन छोड़कर पेयजल वितरित होना जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
उक्त बात कहते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सोमिल नाहटा ने बताया कि चार सालो से चम्बल के पानी योजना के नाम नगर के जनता को गुमराह किया जा रहा है अब जबकि यह योजना पूर्ण भी हो चुकी है इसके बाद भी नगर की जनता को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
श्री नाहटा ने बताया कि यह भाजपा सरकार का और भाजपा की नगर पालिका का सबसे बड़ा फैलियर है। 52 करोड़ रूपये लगाने के बाद भी अधिकारी कह रहे है कि हम अभी भी टेस्टिंग ही कर रहे है। जब चम्बल का पानी पहले दिन मंदसौर आया तो क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने भी इसका श्रेय लिया अब जबकि योजना फैल हो गई है तो कई जनप्रतिनिधि आगे नहीं आ रहा है। कालाभाटा बांध के बाद चम्बल योजना के नाम पर नगर की जनता का पैसा बर्बाद किया गया है।
श्री नाहटा ने कहा कि मंदसौर नगर पालिका 30 दिन का जलकर लेकर 15 दिन ही पानी देती है इस व्यवस्था को भी मंदसौर की जनता ने बड़े मन से स्वीकार किया।  जिस दिन चम्बल योजना की शुरूआत हुई थी उसी दिन से जलकर बढ़ाकर 120 रूपये कर दिया गया था और कहा गया था कि चम्बल योजना आने के बाद नगर में पेयजल संकट खत्म हो जायेगा।  लेकिन आज मंदसौर की जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है जिसके जिम्मेदार भाजपा के जनप्रतिनिधि है।