चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी को रखना होगा खर्च का सही व स्पष्ट लेखा

मंदसौर-भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का सही-सही व स्पष्ट लेखा रखना होगा और निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। आयोग के निर्देशानुसार उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय लेखा का शेडो व्यय लेखा रजिस्टर रिटर्निंग अधिकारी की ओर से तैयार किया जाएगा।
आयोग के निर्देशों में कहा गया है रिटर्निंग अधिकारियों को अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए सभी प्रकार की आवश्यक अनुमतियों की एक नस्ती संधारित करनी होगी अर्थात् क्षेत्र में जितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे उतनी नस्तियां संधारित करनी होगी।
रिटर्निंग अधिकारियों को यह भी ध्यान रखना है कि कार्यालय में जब भी किसी अभ्यर्थी का कोई आवेदन किसी भी प्रकार की अनुमति हेतु प्राप्त होता है तो उस आवेदन में इस बात का स्पष्ट एवं सही उल्लेख होना आवश्यक है कि चाही जा रही अनुमति में उन सभी मदों का उल्लेख हो जो उस अनुमति में उल्लेखित कार्य को संपन्न कराने के लिए आवश्यक है। आवेदन में प्रत्येक मद में होने वाले खर्च का स्पष्ट विवरण होना चाहिए साथ ही समस्त मदों को मिलाकर कुल कितना खर्च उक्त अनुमति में उल्लेखित कार्य करने में आयेगा उसका उल्लेख स्पष्ट रूप से आवेदन में होना चाहिए। यदि किसी आवेदन में खर्च का उल्लेख नहीं है तो वह आवेदन पूर्ण नहीं माना जाना चाहिए। यह भी उल्लेखनीय है कि आवेदित अनुमति के कार्य पर किया जाने वाला खर्च स्वयं अभ्यर्थी, अभ्यर्थी का कोई समर्थक, पार्टी इत्यादि में से भले ही कोई भी वहन करे लेकिन आवेदन में सभी मदों का पृथक-पृथक खर्च एवं कुल खर्च का उल्लेख होना आवश्यक है।
जनसभा
जनसभा में पंडाल, मंच, बैठने की कुर्सियां, कालीन, झंडे, माइक, लेबर, परिवहन इत्यादि-इत्यादि समस्त आवश्यक मदों के खर्चों का उल्लेख होना चाहिए। सभी मदों का समुचित उल्लेख होने के उपरांत ही कानून व्यवस्था इत्यादि दृष्टिगत उचित पाये जाने पर अनुमति प्रदाय करनी चाहिए।
जुलूस
यदि कोई अभ्यर्थी जुलूस इत्यादि निकालने की अनुमति मांगता है तो आवेदन में स्पष्ट रूप से जुलूस में सम्मलित होने वाले प्रत्येक वाहन, पी.ओ.एल. वाहन में उपयोग होने वाले माइक, झंडे, पोस्टर, बैनर एवं अन्य जो भी प्रचार सामग्री संभव हो सकती है उसका विवरण एवं जुलूस के स्पष्ट मार्ग इत्यादि के उल्लेख के साथ प्रत्येक मद के खर्च एवं कुल खर्च बताते हुए पेश आवेदन ही मान्य किया जाना चाहिए। बिना खर्च बताये दिये आवेदनों पर कोई अनुमति जारी नहीं हो सकती। अभ्यर्थी द्वारा प्रचार हेतु वाहनों की अनुमति चाही जाने पर आवेदन में वाहन का प्रति दिन का किराया पी.ओ.एल. वाहन पर लगे ड्रायवर की मजदूरी, वाहन में लगे माइक का किराया, प्रचार सामग्री का विवरण एवं उन समस्त मदों पर आने वाले व्यय की मदवार जानकारी के साथ प्रतिदिन के कुलव्यय का उल्लेख होना चाहिए और यदि वाहन की अनुमति एक से ज्यादा दिन के लिए है तो जितने दिनों के लिए अनुमति है उतने दिनों में उक्त प्रचार वाहन पर होने वाले कुल खर्च का उल्लेख भी आवेदन में अनिवार्य होना चाहिए।
होर्डिंग्स-बैनर की अनुमति लेनी होगी
अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार के लिए जगह-जगह कट आउट, होर्डिंग्स, बैनर व झंडे भी लगाये जाते है, ये भी बिना अनुमति के नहीं लग सकेंगे। जहां-जहां पर उपरोक्त में से किसी भी प्रचार माध्यम का प्रयोग किया जायेगा, वहां उस पर आने वाला प्रतिदिन का खर्च एवं कुल खर्च का उल्लेख आवेदन में होने पर ही आवेदन पर विचार किया जाना चाहिए। यहां भी उल्लेखनीय है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी प्रायवेट व्यक्ति के मकान, दुकान या परिसर से किसी प्रकार का कोई प्रचार करना चाहता है तो उसको सर्वप्रथम उस संबंधित व्यक्ति से उक्त परिसर पर प्रचार सामग्री लगाने अथवा दीवार पर लिखने के लिए लिखित सहमति लेनी होगी और उसके बाद उक्त स्थान पर लिखने, झंडे-बैनर लगाने की अनुमति खर्च बताते हुए प्राप्त करनी होगी। संबंधित अधिकारी से अनुमति प्राप्त होने के बाद ही अभ्यर्थी मकान पर लेखन या झंडा-बैनर या पोस्टर या कट आउट लगा सकेगा अन्यथा की स्थिति में या तो प्रकरण संपत्ति विरूपण में आयेगा या लेखा में उचित जानकारी न देने का प्रकरण बनेगा।
उपरोक्त बिंदुओं में वर्णित स्थितियों से हटकर भी बहुत सारी अन्य स्थितियां हो सकती हैं। यह बारीकी से देखना है कि चुनाव प्रचार का कोई भी कार्य बगैर किसी खर्च के संपन्न नहीं होता और चुनाव प्रचार में किसी अभ्यर्थी के पक्ष में खर्च करने वाला अभ्यर्थी से भिन्न व्यक्ति भी हो सकता है परंतु बिना अनुमति के एवं बिना अभ्यर्थी की सहमति के उक्त व्यय नहीं हो सकता तथा ऐसे समस्त खर्च का हिसाब बिना पेश किए तथा अनुमति प्राप्त किये ऐसा कोई कार्य कराना अभ्यर्थियों के लिए अनुमत नहीं है। रिटर्निंग अधिकारी को यह भी ध्यान रखना है कि प्रत्येक उपरोक्त प्रकार की गतिविधि एवं अन्य संभावित चुनाव प्रसार की गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग व्ही.एस.टी. से अवश्य कर ली जाये।

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