मंदसौर। अकेला व्यक्ति क्या करेगा यह सोचने वाला खुद भी कुछ नहीं करता और करने वाले के मनोबल को तोड़ने का पाप कमाता है। कठोर परिश्रम,अदम्य साहस ओर समर्पण भाव के साथ काम करें तो सफलता चरण चूमती है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल मे व्यक्त किए है।
 संतश्री ने कहा की हजारों तारे प्रकाश नहीं कर सकते पर एक चंद्रमा ही काफी है। समूह ने कभी क्रांति नहीं की इतिहास साक्षी है। शुरुआत हमेशा एक से हुई है।
मुनि श्री कमलेश ने कहा कि जो मान- अपमान की परवाह नहीं करता हानि – लाभ कि नहीं सोचता दुनिया की बातों की परवाह नहीं करता वही इतिहास रचता है। महापुरुष कहलाया है।
राष्ट्रसंत ने बताया कि अकेला होने के बावजूद भी सत्य और न्याय के पथपर चलोगे  तो पूरा संसार आपके साथ हैं। कोई भी दुनिया की ताकत उसको पराजित नहीं कर सकती है। धर्मसभा में  कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया।गौतम मुनि ने भी विचार व्यक्त किए।
 जिला कलेक्टर गौतम सिंह ने कहा कि धन शक्ति, सत्ता शक्ति की बजाय सबसे महान जनशक्ति है। जन क्रांति सबसे महान क्रांति है। जन सहयोग से सभी  कार्य सफल हो सकते हैं।मुनि श्री कमलेश की प्रेरणा से रेवास देवड़ा, अकोदड़ा गौशाला जल्दी प्रारंभ की जाएगी।
राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश के आगामी 2023 के चातुर्मास हेतु श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ इंदौर का प्रतिनिधिमंडल अचल चौधरी, विपिन जैन, रमेश भंडारी, प्रकाश भटेवरा, जिनेश्वर जैन, हंस कुमार जैन,  राजकुमार जैन पंजाबी, समरमल कोठारी, श्रीमती रेनू जैन भीसेवा में उपस्थित हुए। श्री संघ की ओर से अनिल संचेती, अशोक मारू, अजीत खटोड़, शशि मारू नेसभी का स्वागत किया। श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप गोशाला कमल तीर्थ पालकोट की अध्यक्ष राजेंद्र यादव, कोषाध्यक्ष भगवती लाल टाक ने आगामी चातुर्मास की विनंती की। इनका  भी स्वागत किया। संचालन विजय खटोड़ ने किया।