मंदसौर। मानव जितना रूप वैभव सत्ता और धन के बारे में कठोर परिश्रम करता है। लेकिन इतना ही समय गुणों को आत्मसात करने में लगा दे तो मर कर भी दुनिया में अमर हो जाता है। उक्त विचार राष्ट्र संत श्री कमलमुनि कमलेश ने  गो भक्त अनिल संचेती की श्रद्धांजलि सभा में व्यक्त किए। संत श्री ने कहा कि महापुरुष अपने पुरुषार्थ के  बल पर स्वयं मंजिल को पाते हैं। अनंत काल तक जनता का मार्गदर्शन भी करते हैं
संतश्री ने कहा कि जो व्यक्ति जितना बड़ा त्याग करेगा उतना ही वह महान बनेगा। इससे बड़ी धर्म और साधना नहीं हो सकती है।  मुनि कमलेश ने कहा कि अनिल संचेती का जीवन ऊर्जावान था। वो परमार्थ के लिए समर्पित थे।
जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी महाराज के अनन्य भक्त थे।  जैन संत ने कहा कि अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से संचेती को मरण उपरांत गो रत्न अवॉर्ड प्रदान करने का प्रस्ताव पास किया है। राष्ट्रीय स्तर के समारोह में संचेतीपरिवार को अवार्ड प्रदान किया जाएगा। मंदसौर शहर में एक चौराहे का नाम अनिल संचेती के नाम से बनाया जाए, ये प्रस्ताव विधायक यशपाल सिसोदिया ने राष्ट्रीय संत के भाव का सम्मान करते हुए रखा। नगर पालिका अध्यक्ष ने इसे मूर्त रूप प्रदान करने का आश्वासन दिया। सैकड़ों संस्थाओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जनकुपूरा संघ में महिला स्थानक बनाने का संकल्प जनता ने लिया।