मंदसौर मंदसौर नगर पालिका में कोई भी नामांतरण वास्तविक प्रकिया अनुसार प्रथम रजिस्ट्री से लेकर अंतिम रजिस्ट्री तक की मूल रजिस्ट्री लिंक रजिस्ट्री के रिकॉर्ड का मिलान करके नामांतरण किया जाता है अन्यथा सूचना पत्र लेकर नामांतरण आवेदन निरस्त कर दिया जाता ऐसे कई मामले मंदसौर नगरपालिका के अन्दर मौजूद हैं जिसके कारण शहर के सामान्य नागरिक दर-दर की ठोकरें खाते रहते हैं लेकिन उनके नामांतरण तो दूर भाग के नामान्तरण तो असम्भव हो जाते हैं क्योकि नियमानुसार मन्दसौर न पा द्वारा भाग के नामांतरण नही किये जा रहे हैं किंतु सुचित्रा टॉकीज के नामांतरण बिना लिंक रजिस्ट्री दस्तावेज लिए 19 भागों में कर दिए गए जबकि सुचित्रा टाकीज का मूल रिकॉर्ड मन्दसौर नगर पालिका से गायब होने की जानकारी मंदसौर नगर पालिका ने रिकॉर्ड के साथ प्रमुख सचिव भोपाल को दी हैं यह बात पूर्व पार्षद विजय गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताई हैं
आगे विजय गुर्जर ने बताया कि नगर पालिका परिषद मन्दसौर द्वारा मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 25 30 /3231/2019 दिनांक 25-7-2019 का जवाब देते हुए प्रमुख सचिव भोपाल को स्पष्ट लिखा है कि नगर पालिका मंदसौर में सुचित्रा टॉकीज कि उक्त नस्ती का काफी शोध किया गया है किंतु नस्ती निकाय में उपलब्ध नहीं हो पाई है और इसका शोध भी किया जा रहा है इससे यह तो तय हो जाता है कि राजनीतिक रसूख और भू माफिया होने का लाभ उठाते हुए नगर पालिका में बिना मूल रिकॉर्ड के ही अवैध रूप से सुचित्रा टॉकीज नामांतरण की प्रक्रिया को मा इंटरप्राइजेस के डायरेक्टर कोमल बाफना द्वारा कराया गया है
वर्ष 2017,18 में विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा मंदसौर नगर पालिका का आकस्मिक निरीक्षण भी किया गया था राजस्व विभाग में बैठकर उनके द्वारा फाइलों का अध्ययन किया गया था जिसमें नामंत्रण काफी संख्या में पेंडिंग होने का कारण जानने पर उनके द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए गए थे कि तकनीकी अधिकारी की बजाय अब राजस्व अधिकारी नामान्तरण रिपोर्ट लगाएंगे इस निर्देश का लाभ आम नागरिकों को मिले ऐसी विधायक जी की भावना थी
मगर इसका भी लाभ उठाकर सुचित्रा टॉकीज के डायरेक्टर जमुना देवी कोमल बाफना द्वारा बिना तकनीकी रिपोर्ट लगे ही नामंत्रण प्रक्रिया को मन्दसौर नगर पालिका में कराया लिया गया हैं क्योंकि मूल रिकॉर्ड नगर पालिका में उपलब्ध नहीं है तो नामांतरण प्रक्रिया पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाता है। अंत में पूर्व पार्षद विजय गुर्जर ने जागरूक विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया से मांग करी है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिन लोगों द्वारा मूल रिकॉर्ड मंदसौर नगर पालिका से गायब करवाया है उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाही कराई जाये।

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