मंदसौर। पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी से निर्वाचित होनेे के बावजुद सनातन धर्म एवं उसके पालनकर्ताओ की जो स्थिति बनी है उसके कारण कहीं न कहीं बुध्दीजीवी वर्ग में वर्तमान स्थिति को लेकर चिंतन है। पिछले दिनों भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर मे स्थित सहस़्त्र शिवलिंग मंदिर निर्माण के लोकार्पण उपरांत लगभग पांच माह में ही घटिया निर्माण कार्य की पोल खुली उसके कारण भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर एवं सनातन धर्म की साख को दोषी लोगो ने बंटा लगाया है। लगभग पांच करोड से अधिक की लागत से गुणवत्ताहिन मंदिर निर्माण की जांच मध्यप्रदेश सरकार धर्मस्य विभाग के माध्यम से मंदसौर जिले से पृथक अधिकाारियो वाली कमेटी से करवाये।
       यह मांग जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश भाटी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी। उन्होनें जागरूक धर्मालुर्जनो द्वारा उठाये गये इस मामले पर चिंता प्रकट करते हुये कहा कि भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति से बडी राशि निर्माण में खर्च की है उस पर कोई प्रश्नचिन्ह नही है किन्तु बडी धनराशि खर्च होने के बाद भी गुणवत्ताहिन निर्माण से भक्तो की आस्था पर चोंट पहुंची है। उन्होनें कहा कि लंबे समय से भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रबंध समिति पर पारदर्शिता से कार्य नही करने का आरोप लगा रहा है किन्तु जांच एवं कार्यवाही के नाम पर सब शून्य है।
       श्री भाटी ने इस पुरे मामले में स्थानीय प्रबंध समिति के कर्मचारियो एवं अधिकारियो के मिले होने का आरोप लगाते हुये कहा कि मंदिर परिसर का विकास एवं निर्माण के लिये मंदसौर ही नही बल्कि पुरे देशभर के नागरिक  मुक्त हस्त से दान देते है, इस दानराशि का सदप्रयोग करते हुये पारदर्शिता से कार्य हो यह सभी भक्तो एवं नागरिको की इच्छा है। वर्तमान स्थिति से निश्चित रूप से भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर से जुडे भक्तो को सहस्त्र शिवलिंग मंदिर निर्माण की गुणवत्ताहिन प्रकरण के सामने आने से आस्था को ठेस पहुंची है। इस स्थिति में मध्यप्रदेश सरकार के धर्मस्य विभाग मंदसौर जिले से पृथक ईमानदार अधिकारियो की जांच कमेटी गठित कर जांच करवाकर दोषियो पर कार्यवाही करे ताकी मंदिर की गरिमा एवं साख का सम्मान हो सके।