25 अक्टूबर को बही चौपाटी पर अफीम किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन

मंदसौर। अफीम किसानों की जायज मांगों पर केन्द्र सरकार और नारकोटिक्स विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। किसान दुःखी और परेशान है, लंबे समय से किसान संघर्ष कर रहे है, मार्फिन की परिभाषा किसान नहीं समझता और उसे मार्फिन के गर्त में डालकर उसके लाइसेंस काटे जा रहे है। पचास ग्राम सैंपल की रिपोर्ट भी शंका के घेरे में है। अच्छी अफीम खराब कैसे हो जाती है और फिर अच्छी कैसे हो जाती है? यह किसान नहीं समझ पा रहा है। सीपीएस पद्धति लाकर किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है। जिम्मेदार जनप्रतिनिधि झूठी- झूठी वाहवाही लुटने का प्रयास कर रहे है। अफीम काश्तकारों संगठन के नेता अमृतराम पाटीदार, युवा साथी योगेन्द्र जोशी, दिलीप पाटीदार बुढा, खूबचंद शर्मा, तुलसीराम माली ने बताया कि सरकार की मंशा किसानों के प्रति ठीक नहीं है। किसान मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों की तरह इस फसल का पालन पोषण करता है। इस फसल की अच्छाइयां-बुराइयां पता है परन्तु हर वर्ष विभाग द्धारा अफीम नीति निर्धारण बैठक में अफीम काश्तकार की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की जाती है, बल्कि नेताओं के इशारों पर बैठक तय की जाती है, इससे ये विसंगतियां इस उत्पन्न हो रही है। क्षेत्रीय नेताओं द्वारा लगातार किसानों की उपेक्षा की जा रही है। जायज मांगे सुनने को कोई तैयार नहीं है इसलिये मजबूर होकर किसानों ने 25 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे बही पार्श्वनाथ चौपाटी पर एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन आंदोलन करेंगे और केन्द्रीय वित्त मंत्री के नाम जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन देंगे। किसानों ने बताया कि यदि फिर भी मांगे नहीं मानी गई तो फिर नारकोटिक्स कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करेगें, यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। मांगों को दिल्ली तक पहुंचाकर अपनी बात मनवाकर रहेंगे। किसानों ने मांग की है कि सीपीएस पद्धति को पूरी तरह समाप्त कर किसानों को चीरा लगाने की अनुमति दी जायें, वर्ष 1990 से अभी तक कम औसत में कटे लाइसेंस बहाल किये जावे, लागत मूल्य के आधार पर अफीम का भाव दस हजार रू. किये जावे, वर्ष 2013-14 में बैमोसम बरसात औलावृष्टि से कटे पट्टे तुरन्त बहाल किये जावे, इस वर्ष 3.00 मार्फीन पर लाइसेंस दिये जावें, अफीम नीति निर्धारण में किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित की जावे, प्रत्येक किसान को दस-दस आरी के नये लाइसेंस दिये जावें। इन्ही मांगों को लेकर किसान आंदोलन करने को बाध्य है।  किसान सज्जनलाल पाटीदार आकोदड़ा, देवेन्द्र जोशी, दिनेश टेलर, दिलीपसिंह राठौर आक्या, बबलू शर्मा, परसराम पाटीदार, समरथ पाटीदार रिछाबच्चा आदि ने अफीम काश्तकारों द्वारा आयोजित धरना आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। 

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